शाजापुर। सुरक्षित माने जाने वाले घर के आंगन भी अब मासूमों के लिए महफूज नहीं रह गए हैं। यही कारण है कि जिले के ग्राम बिरगोद से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां घर के बाहर खेल रही एक 6 वर्षीय मासूम बच्ची पर अचानक एक सियार ने हमला कर दिया। बच्ची की चीखें सुनकर दौड़े परिजनों ने किसी तरह सियार को भगाकर उसकी जान बचाई। जानकारी के अनुसार बुधवार को ग्राम बिरगोद निवासी कमल कराड़ा की 6 साल की बेटी दिव्यांशी अपने घर के बाहर आंगन में खेल रही थी। उसी दौरान घात लगाए बैठे एक सियार ने अचानक बच्ची पर झपट्टा मार दिया। सियार ने मासूम के नाक और गले को अपना निशाना बनाया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। अचानक हुए इस हमले से बच्ची चीखने-चिल्लाने लगी। आवाज सुनकर परिजन तुरंत मौके पर दौड़े और सियार को खदेड़कर बच्ची को लहूलुहान हालत में आनन-फानन में जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जिला अस्पताल में तुरंत बच्ची का इलाज शुरू किया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, प्राथमिक उपचार के बाद फिलहाल दिव्यांशी की स्थिति सामान्य और स्थिर है।
गांव में खौफ, वन विभाग से गश्त बढ़ाने की मांग
दिनदहाड़े हुए सियार के इस हमले के बाद से ग्राम बिरगोद और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भारी दहशत का माहौल है। ग्रामीणों और परिजनों का कहना है कि इलाके में लंबे समय से सियार और अन्य जंगली जानवरों की आवाजाही बनी हुई है, जिससे बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर हमेशा डर सताता रहता है। घटना के बाद आक्रोशित और डरे हुए ग्रामीणों ने प्रशासन तथा वन विभाग से मांग की है कि क्षेत्र में वन्यजीवों की निगरानी बढ़ाई जाए और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।