शाजापुर। जब तपती गर्मी में घरों के पंखे थम जाएं, त्योहारी रातों में नगर अंधेरे में डूब जाए और मेहनत की कमाई से खरीदे गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरण वोल्टेज की भेंट चढ़ जाएं, तो जनता का सड़क पर आना लाजिमी है। बेरछा में बिजली विभाग की इसी लचर कार्यप्रणाली और बेलगाम अघोषित कटौती के खिलाफ अब नगरवासियों के सब्र का बांध टूट गया। व्यवस्था से त्रस्त होकर बेरछा के सर्वसमाज ने एकजुटता दिखाते हुए शांतिपूर्ण ढंग से विद्युत वितरण केंद्र पहुंचकर कनिष्ठ अभियंता जेई को ज्ञापन सौंपा और तत्काल समाधान की मांग रखी। गौरतलब है कि बेरछा और आसपास के क्षेत्रों में बिजली की अघोषित कटौती अब एक गंभीर संकट बन चुकी है। दिन-रात घंटों तक गायब रहने वाली बिजली ने आम आदमी की कमर तोड़ कर रख दी है। इसी अनियमितता और विभाग की अनदेखी के खिलाफ आज समूचा बेरछा नगर लामबंद नजर आया।
वोल्टेज के झटकों ने दिया लाखों का दर्द
जेई को सौंपे गए ज्ञापन में स्पष्ट रूप से बताया गया कि पिछले कई महीनों से चल रही अघोषित कटौती के बीच 9 अक्टूबर 2026 का दिन बेरछा मंडी क्षेत्र के रहवासियों के लिए भारी पड़ा। बिजली आने-जाने के दौरान वोल्टेज में हुए अचानक और भारी उतार-चढ़ाव ने जमकर तबाही मचाई। लोगों के घरों में रखे फ्रिज, टीवी, पानी की मोटरें, कंप्यूटर और पंखे जलकर खाक हो गए। स्थानीय लाइनमैन को तुरंत सूचना देने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। मध्यम वर्गीय और अत्यंत गरीब परिवारों को हुए इस लाखों रुपये के नुकसान ने विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ठप जनजीवन, चोरों का खौफ और त्योहारों पर संकट
लगातार हो रही बिजली कटौती का असर सिर्फ उपकरणों तक सीमित नहीं है। रात के अंधेरे में जहां एक ओर क्षेत्र में चोरी की आशंकाएं गहरी हो गई हैं, वहीं पेयजल संकट ने भी विकराल रूप ले लिया है। बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है और महिलाओं को घरेलू कामकाज निपटाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सामने खड़े धार्मिक त्योहारों की तैयारियों पर भी इस अंधेरे का सीधा असर पड़ रहा है। इसके अलावा कृषि कार्यों के इस महत्वपूर्ण समय में किसानों को भी सिंचाई के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।
मुआवजे की मांग और जेई का आश्वासन
अपनी इन्हीं पीड़ाओं को लेकर बेरछावासियों ने संवैधानिक और कानूनी दायरे में रहते हुए एक विस्तृत ज्ञापन जेई को सौंपा। इसमें न केवल बिजली का शेड्यूल सुधारने की मांग की गई, बल्कि जले हुए उपकरणों के लिए विभाग से उचित मुआवजे की भी पुरजोर मांग उठाई गई। जनता के इस शांतिपूर्ण लेकिन कड़े रुख को देखते हुए कनिष्ठ अभियंता (जेई) ने समस्या को गंभीरता से सुना। उन्होंने उपस्थित सर्वसमाज को आश्वासन दिया है कि इस अघोषित कटौती और वोल्टेज की समस्या का तकनीकी परीक्षण करवाकर तत्काल प्रभाव से निराकरण किया जाएगा, ताकि भविष्य में जनता को इस तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े। इस मौके पर बड़ी संख्या में बेरछा नगर और क्षेत्र के नागरिक मौजूद रहे।