शाजापुर की शिक्षिका का राष्ट्रीय शिक्षक कवि-सम्मेलन’ हेतु चयन
मध्य प्रदेश से एकमात्र शिक्षक का चयन।
राष्ट्रीय हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान द्वारा करवाया जा रहा हे आयोजन।
शाजापुर । शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय शाजापुर में कार्यरत हिंदी विषय की व्याख्याता श्रीमती ज्योति धाकड़ की स्वरचित कविता ‘डिजटल शिक्षा में हिंदी भाषा’ का चयन नई दिल्ली में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय शिक्षक कवि-सम्मेलन के लिए किया गया है। यह सम्मेलन
दिल्ली में 25-26 सितंबर को आयोजित होगा। इस कार्यशाला में हिंदी भाषा एवं साहित्य के डिजिटल स्वरूप, शिक्षा में हिंदी के प्रभावी उपयोग तथा साहित्यिक अभिव्यक्ति जैसे विषयों पर विचार-विमर्श होगा। शिक्षक कवि-सम्मेलन इस आयोजन का विशेष आकर्षण रहेगा, जिसमें चयनित शिक्षक-कवि अपनी स्वरचित रचनाओं का पाठ करेंगे।
राष्ट्रीय शैक्षिक प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान (CIET), नई दिल्ली द्वारा हिन्दी दिवस के उपलक्ष्य में ‘हिंदी माह-2026: डिजिटल शिक्षा में हिंदी भाषा एवं साहित्य’ विषय पर 25 एवं 26 सितंबर 2026 को दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की जा रही है। कार्यशाला के अंतर्गत देशभर के शिक्षकों की रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से ‘शिक्षक कवि-सम्मेलन’ का आयोजन किया जाएगा।
इस शिक्षक कवि-सम्मेलन के लिए देशभर के शिक्षकों से उनकी स्वरचित कविताएँ आमंत्रित की गई थीं। इस आयोजन के लिए द्वारा देश भर के शिक्षकों, कवियों से रचनाएं आमंत्रित की गयी थी। सभी प्राप्त रचनाओं का निर्णायक मंडल द्वारा मूल्यांकन पश्चात श्रीमती ज्योति धाकड़ की कविता का अंतिम रूप से चयन किया गया।
श्रीमती ज्योति धाकड़ वर्तमान में शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, शाजापुर में हिंदी शिक्षक के रूप में सेवाएँ दे रही हैं। शिक्षण के साथ-साथ वे पर्यावरण संरक्षण, बालिका शिक्षा, छात्रावास प्रबंधन , सांस्कृतिक साहित्यिक गतिविधियों से निरंतर जुड़ी रहती हैं। बालिका छात्रावास में उनके उत्कृष्ट प्रबंधन से उत्कृष्ट विद्यालय के बालिका छात्रावास को राज्य स्तर पर पहचान मिल चुकी है।
श्रीमती ज्योति धाकड़ का मानना है कि शिक्षक केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं होता, बल्कि वह समाज में ज्ञान, संवेदना, संस्कार और रचनात्मकता का वाहक भी होता है। कविता और साहित्य शिक्षक को विद्यार्थियों के मन तक पहुंचने तथा मानवीय मूल्यों को सहज रूप से अभिव्यक्त करने का प्रभावी माध्यम प्रदान करते हैं। डिजिटल युग में हिंदी भाषा और साहित्य को नई तकनीक से जोड़ना समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।
शिक्षक कवि-सम्मेलन का उद्देश्य
‘हिंदी माह-2026 : डिजिटल शिक्षा में हिंदी भाषा एवं साहित्य’ के अंतर्गत आयोजित शिक्षक कवि-सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों की रचनात्मक एवं साहित्यिक प्रतिभा को मंच प्रदान करना तथा हिंदी भाषा और साहित्य के प्रति अभिरुचि को प्रोत्साहित करना है। इस आयोजन के माध्यम से शिक्षकों को अपनी स्वरचित कविताओं के माध्यम से समकालीन सामाजिक सरोकारों, मानवीय संवेदनाओं, शिक्षा, संस्कृति, राष्ट्रभावना और जीवन-मूल्यों को अभिव्यक्त करने का अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम का एक प्रमुख उद्देश्य डिजिटल युग में हिंदी की उपयोगिता और प्रासंगिकता को रेखांकित करना तथा तकनीक और हिंदी साहित्य के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करना भी है। इसके साथ ही शिक्षकों के बीच साहित्यिक संवाद, रचनात्मक चिंतन और अनुभवों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना तथा विद्यार्थियों में हिंदी भाषा एवं साहित्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में शिक्षकों की भूमिका को सशक्त करना है।
यह कवि-सम्मेलन राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार, संवर्धन और सम्मान की दिशा में एक सार्थक पहल है, जो शिक्षकों को केवल अध्यापक ही नहीं, बल्कि साहित्य-सृजक और समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक के रूप में भी पहचान प्रदान करता है।