शाजापुर। शहर में चल रहे विकास और निर्माण कार्यों में किस कदर लापरवाही बरती जा रही है, इसका खुलासा तब हुआ जब कलेक्टर ऋजु बाफना अचानक निरीक्षण पर निकल पड़ीं। शनिवार को मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत शहर के विभिन्न हिस्सों का जायजा लेने पहुंचीं कलेक्टर को मौके पर कई जगह घटिया निर्माण और अव्यवस्थाएं मिलीं। इससे नाराज कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाते हुए जहां एक ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए, वहीं दूसरे का भुगतान रोक दिया है। वार्ड क्रमांक 27 में बन रहे संजीवनी क्लिनिक के हालात देखकर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताई। मौके पर पाया गया कि निर्माण कार्य में तय मापदंडों और क्वालिटी की धज्जियां उड़ाई गई हैं। काम में सीपेज और अन्य खामियां देख कलेक्टर ने मौके पर ही अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस लापरवाह ठेकेदार को तुरंत ब्लैकलिस्ट किया जाए। साथ ही खिड़की-जाली सुधारने और बाउंड्रीवॉल का नया प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया।सांपखेड़ा पार्क की नई बाउंड्रीवॉल में दरारें
अमृत 2.0 योजना के तहत ग्राम सांपखेड़ा में बन रहे पार्क का हाल भी निराशाजनक मिला। यहां बन रही नई बाउंड्रीवॉल में जगह-जगह दरारें (क्रैक्स) आ गई हैं। इस पर कलेक्टर ने पीडब्ल्यूडी को निर्माण की बारीकी से जांच करने के निर्देश दिए और ठेकेदार का भुगतान तत्काल प्रभाव से रोक दिया। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि पार्क में जल निकासी की सही व्यवस्था हो और केवल उच्च गुणवत्ता वाले पेवर ब्लॉक, बेंच और झूले ही लगाए जाएं।
टंकियों के निर्माण की भी होगी जांच
कलेक्टर बाफना ने नगर पालिका के पीछे और लालघाटी क्षेत्र में बन रहे ओवरहेड टैंक का भी निरीक्षण किया। यहां भी काम की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने जल निगम को जांच के निर्देश सौंपे हैं।
नालों पर लगेगी जाली, पार्कों में होंगे पौधे
दौरे के दौरान वार्ड 26 विजय नगर में नाले की गंदगी देख कलेक्टर ने गहरीकरण कर साफ-सफाई करवाने और सुरक्षा के लिए जाली लगाने के निर्देश दिए। वहीं, इसी वार्ड के लाड़ली लक्ष्मी पार्क में पौधे लगाने और व्यवस्थाएं दुरुस्त करने को कहा। कलेक्टर की इस अचानक हुई सख्ती से निर्माण एजेंसियों और ठेकेदारों में हड़कंप मच गया है। निरीक्षण के दौरान एसडीएम मनीषा वास्कले, डिप्टी कलेक्टर नेहा गंगारे और नगर पालिका सीएमओ भूपेंद्र दीक्षित सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।