शाजापुर। मोहर्रम 1448 हिजरी के आगमन के साथ ही शहर में धार्मिक तैयारियां प्रारंभ हो गई हैं। इसी क्रम में सबील-ए-हुसैन कमेटी द्वारा मोहर्रम के दौरान लगाई जाने वाली सबीलों की तैयारियों का कार्य शुरू कर दिया गया है। समाजजन उत्साह के साथ व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं।
गौरतलब है कि शाजापुर में दाऊदी बोहरा समाज द्वारा प्रतिवर्ष कुल तीन सबीलें स्थापित की जाती हैं। इन सबीलों पर मोहर्रम के अवसर पर समाजजनों को दूध, शरबत एवं तबर्रुक वितरित किया जाता है। कमेटी के सदस्यों द्वारा सबीलों की सजावट, आवश्यक सामग्री की व्यवस्था तथा सेवा कार्यों के लिए स्वयंसेवकों की जिम्मेदारियां निर्धारित की जा रही हैं।
समाजजनों का कहना है कि सबील-ए-हुसैन कर्बला के प्यासे शहीदों की याद में सेवा, त्याग और इंसानियत का संदेश देने का माध्यम है। मोहर्रम के दौरान समाज के लोग बड़ी संख्या में इन सबीलों से जुड़कर अपनी सेवाएं प्रदान करते हैं।
मोहर्रम नजदीक आते ही शहर में धार्मिक गतिविधियां और तैयारियां तेज हो गई हैं तथा सबील-ए-हुसैन कमेटी द्वारा व्यवस्थाओं को व्यवस्थित रूप से पूरा किया जा रहा है।
