बदलाव की बयार : शाजापुर जलसे में गूंजा भाईचारा और नशामुक्ति का संदेश, 800 नौजवानों ने की नशे से तौबा
– शाजापुर में मौलाना उस्मान लुधियानवी का भव्य इस्तकबाल, जेसीबी से बरसाए फूल
शाजापुर। शाजापुर में अंजुमन व सीरत कमेटी के तत्वावधान में रविवार को आयोजित अजीमुश्शान जलसा सामाजिक सुधार और कौमी यकजहती की एक ऐतिहासिक मिसाल बन गया। इस जलसे में शाजापुर सहित आसपास के कई जिलों से हजारों की तादाद में अकीदतमंद पहुंचे। कार्यक्रम में मेहमान-ए-खुसूसी के रूप में पंजाब के शाही इमाम मौलाना उस्मान रेहमानी लुधियानवी तशरीफ लाए। जलसे का सबसे बड़ा और क्रांतिकारी पहलू यह रहा कि शाही इमाम की पुरअसर नसीहतों से मुतास्सिर होकर 800 से अधिक नौजवानों ने हमेशा-हमेशा के लिए नशे की लत छोडक़र तौबा की।
जेसीबी से बरसे फूल, बायपास से लेकर शहर तक भव्य इस्तकबाल
शाही इमाम मौलाना उस्मान रेहमानी लुधियानवी के पहली बार शाजापुर आगमन को लेकर अवाम में जबरदस्त उत्साह देखा गया। इंदौर से शाजापुर के पूरे सफर के दौरान जगह-जगह उनका इस्तकबाल किया गया। शाजापुर के सनकोटा बायपास पर हजारों की तादाद में लोग उनके खैरमकदम के लिए उमड़ पड़े। यहां जेसीबी मशीनों के जरिए फूलों की बारिश कर उनका ऐतिहासिक स्वागत किया गया। बायपास से कार्यक्रम स्थल तक उन्हें एक विशाल और अनुशासित जुलूस के रूप में लाया गया। पूरे रास्ते शहरवासियों ने पलक-पावड़े बिछाकर शाही इमाम पर पुष्पवर्षा की।
नशामुक्ति, भाईचारा और देशभक्ति पर शाही इमाम का जोर
मौलाना उस्मान रेहमानी लुधियानवी ने सीरत कमेटी की नशामुक्ति अभियान के पहल की भरपूर सराहना की। उन्होंने अपने बयानों में पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब की तालीमात का हवाला देते हुए कहा कि इस्लाम में हर उस चीज की सख्त मनाही है जो इंसान की अक्ल, सेहत और रूह को नुकसान पहुंचाए। नशा इंसान की जिंदगी को तबाह करने के साथ-साथ उसके पूरे परिवार को बर्बादी की कगार पर धकेल देता है। शाही इमाम ने समाज में गिरते नैतिक मूल्यों पर चिंता जताते हुए मां-बाप के हुकूक, भाई-बहन के आपसी रिश्ते और परिवार के महत्व पर रोशनी डाली। उन्होंने जोर देकर कहा कि नबी-ए-पाक के सिद्धांतों पर चलते हुए हर मुसलमान का यह फर्ज है कि वह बुराइयों से दूर रहे, मुल्क से बेपनाह मोहब्बत करे और समाज में आपसी एकता, मोहब्बत व अमन-चैन को बढ़ावा दे।
सद्र हाजी नईम कुरैशी की कोशिशें लाईं रंग, रात 3.30 बजे तक चली मुलाकातों की कड़ी
मीडिया प्रभारी अनीस खान ने बताया कि अंजुमन व सीरत कमेटी के सद्र हाजी नईम कुरैशी की दूरदर्शिता और समाज सुधार की मुहिम इस जलसे का केंद्र बिंदु रही। उन्होंने नशे की गर्त में फंसे नौजवानों की सीधी मुलाकात मौलाना उस्मान लुधियानवी से करवाई। मौलाना ने बेहद शफकत और संजीदगी के साथ नौजवानों को पैगंबर साहब का पैगाम समझाया। शाही इमाम के रूहानी और असरदार अंदाज का ऐसा असर हुआ कि शाजापुर, देवास, उज्जैन और आसपास के इलाकों से आए 800 से ज्यादा नौजवानों ने उसी वक्त नशे से तौबा कर ली। हाजी नईम कुरैशी खुद रात 3.30 बजे तक एक-एक नौजवान को मौलाना के सामने पेश करते रहे ताकि वे अपनी पुरानी गलतियों से तौबा कर एक नई, पाकीजा जिंदगी की शुरुआत कर सकें। बता दें कि अंजुमन व सीरत कमेटी शाजापुर में नशामुक्ति को लेकर जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी के मौके पर निकाले गए जुलूस की शुरुआत भी नशामुक्ति अभियान से की गई थी।
ईदगाह परिसर हुआ खचाखच, रास्तों पर खड़े होकर लोगों ने सुनी तकरीर
अजीमुश्शान जलसे को लेकर आवाम में इस कदर जोश था कि ईदगाह मस्जिद और उसका विशाल परिसर पूरी तरह खचाखच भर गया। देर रात तक चलने वाले इस कार्यक्रम में हजारों लोगों ने मुख्य मार्गों और ईदगाह के आसपास खड़े होकर शांतिपूर्वक शाही इमाम के बयानों को सुना। पूरे कार्यक्रम के दौरान अनुशासन और संजीदगी देखने को मिली। कार्यक्रम के समापन पर मुल्क में अमन, खुशहाली, भाईचारे और नौजवानों के उज्ज्वल भविष्य के लिए विशेष दुआ की गई। यह जानकारी मीडिया प्रभारी अनीस खान ने दी।
सफल आयोजन पर हाजी नईम कुरैशी ने जताया आभार
कार्यक्रम के सफल और शांतिपूर्ण समापन पर सद्र हाजी नईम कुरैशी ने व्यवस्थाओं में सहयोग देने वाले सभी पक्षों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने दूर-दराज से आए सभी नागरिकों का इस्तकबाल करते हुए व्यवस्था बनाए रखने के लिए धन्यवाद दिया। साथ ही, आयोजन को सुगम बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने वाले जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, नगर पालिका परिषद, वालेंटियर्स और स्थानीय सहयोगियों की मुस्तैदी की सराहना की। यह आयोजन शहर में सौहार्द और एकजुटता की मिसाल बना।