शाजापुर। कालापीपल विकासखंड में शैक्षणिक गतिविधियों एवं मिशन अंकुर की प्रगति को लेकर मासिक समीक्षा बैठक अनुविभागीय अधिकारी अंकिता पाटकर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में विकासखंड एवं जनशिक्षा केंद्र स्तर पर संचालित विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए बच्चों के सीखने के स्तर में सुधार एवं शैक्षणिक गुणवत्ता को बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में अगस्त माह की मेंटोरिंग विजिट, केपीआई डेटा, मासिक ट्रैकर डेटा, शिक्षक संदर्शिका के उपयोग तथा वर्कबुक के प्रभावी उपयोग की समीक्षा की गई। जनशिक्षकों द्वारा विद्यालयों में किए जा रहे बेस्ट प्रैक्टिस साझा किए गए तथा बच्चों के सीखने के स्तर में सुधार के लिए किए जा रहे नवाचारों पर चर्चा की गई। वहीं अनुविभागीय अधिकारी पाटकर ने कक्षा 1 एवं 2 के शिक्षक प्रशिक्षण में शत-प्रतिशत शिक्षकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी शिक्षक प्रशिक्षण से वंचित न रहे। उन्होंने जनशिक्षकों को निर्देशित किया कि विद्यालय अवलोकन के दौरान पिछले अवलोकन में दिए गए निर्देशों एवं सुझावों की पुनः समीक्षा की जाए तथा उनकी स्थिति का फॉलोअप लिया जाए। अवलोकन के दौरान संकलित ऑफलाइन डेटा बीआरसी कार्यालय में जमा करने तथा आगामी समीक्षा बैठक में उसे भी शामिल करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि वर्कबुक चेक नहीं करने अथवा ठीक से चेक नहीं करने वाले शिक्षकों की सूची आगामी समीक्षा बैठक में अनिवार्य रूप से प्रस्तुत की जाए, ताकि आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
विद्यालय निरीक्षण में परखा बच्चों का सीखने का स्तर
मासिक समीक्षा बैठक के बाद शासकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय, कालापीपल मंडी का निरीक्षण किया गया। इस दौरान कक्षा 1 एवं 2 तथा कक्षा 3, 4 एवं 5 के बच्चों के सीखने के स्तर का अवलोकन किया गया। बच्चों के मासिक ट्रैकर में दर्ज दक्षताओं का उनके वास्तविक सीखने के स्तर से मिलान किया गया। विद्यार्थियों से भाषा, गणित एवं अंग्रेजी विषय से संबंधित प्रश्न पूछे गए तथा उनकी वर्कबुक की भी जांच की गई। निरीक्षण के दौरान शिक्षकों को शिक्षक संदर्शिका का नियमित एवं अनिवार्य रूप से उपयोग करने के निर्देश दिए गए। साथ ही विद्यार्थियों के सीखने के स्तर को पुनः ट्रैक करने तथा डेटा में अंडर रिपोर्टिंग अथवा ओवर रिपोर्टिंग नहीं करने के निर्देश दिए गए। विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए पालकों से नियमित संपर्क एवं संवाद करने पर भी जोर दिया गया। निरीक्षण के दौरान एक शिक्षिका द्वारा शिक्षक संदर्शिका का उपयोग करते हुए नहीं पाए जाने पर एसडीएम द्वारा संबंधित शिक्षिका को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
मेंटरिंग का उद्देश्य केवल निरीक्षण नहीं, बल्कि शिक्षक को सहयोग देना
मेंटरिंग की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए अनुविभागीय अधिकारी पाटकर ने कहा कि मेंटोरिंग का उद्देश्य केवल विद्यालय का निरीक्षण करना नहीं, बल्कि शिक्षक को प्रभावी शैक्षणिक सहयोग प्रदान करते हुए कक्षा शिक्षण में सुधार और बच्चों के सीखने के स्तर में वृद्धि सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि मेंटरिंग के माध्यम से शिक्षकों को निरंतर सहयोग, मार्गदर्शन एवं फीडबैक दिया जाना चाहिए, जिससे कक्षा शिक्षण अधिक प्रभावी बने और बच्चों के सीखने के परिणामों में निरंतर सुधार हो। बैठक में बीआरसी उमेश मालवीय द्वारा मेंटरिंग डेटा प्रस्तुत कर प्रगति की जानकारी दी गई। मिशन अंकुर विकासखंड प्रभारी अभिषेक चतुर्वेदी द्वारा मासिक ट्रैकर की प्रगति एवं आगामी कार्ययोजना प्रस्तुत की गई। वहीं बीएसी दर्पण गुप्ता द्वारा आगामी शिक्षक प्रशिक्षण की रूपरेखा एवं तैयारियों की जानकारी दी गई। बैठक में तहसीलदार संदीप श्रीवास्तव, बीईओ कमलकिशोर शर्मा, समस्त जनशिक्षक, बीएसी, एमआईएस एवं ब्लॉक साक्षरता समन्वयक मालमसिंह चंदेल सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य शैक्षणिक गुणवत्ता को मजबूत करना, गुणवत्तापूर्ण मेंटरिंग सुनिश्चित करना, शिक्षक संदर्शिका एवं वर्कबुक के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देना तथा आगामी शिक्षक प्रशिक्षण में शत-प्रतिशत सहभागिता सुनिश्चित करना रहा।