शाजापुर। किसी के अंधेरे जीवन में नेत्र दान का रोशनी भरने के उद्देश्य से सैकड़ों ने लोगों ने कदम बढ़ाते हुए अपनी आंखे दान करने का फैसला किया। जिला अस्पताल में इन दिनों 41वां नेत्रदान पखवाड़ा मनाया जा रहा है। यह पखवाड़ा 25 अगस्त से शुरू हुआ जो 8 सितंबर तक चलेगा। इस दौरान लोगों को मृत्यु के बाद नेत्रदान करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। जिला अंधत्व अधिकारी और नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. मनोज पंचोली ने बताया कि देश में कॉर्निया की जरूरत वाले लोगों की संख्या एक करोड़ से ज्यादा है। ऐसे में नेत्रदान को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाना बहुत जरूरी है। मृत्यु के बाद नेत्रदान करने से किसी जरूरतमंद व्यक्ति को आंखों की रोशनी मिल सकती है। उन्होने बताया कि अभियान के तहत अब तक जिला अस्पताल में 216 लोगों ने मृत्यु के बाद नेत्रदान करने के लिए फॉर्म भरे हैं। डॉ पंचोली ने बताया कि नेत्रदान के लिए कोई भी व्यक्ति अपने जीवनकाल में फॉर्म भर सकता है। मृत्यु के बाद परिवार की मंजूरी और तय प्रक्रिया के जरिए नेत्रदान कराया जाता है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे खुद नेत्रदान का संकल्प लें और अपने परिवार व आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें।