शाजापुर। शहर की तंग गलियों से लेकर खुले चौक चौराहो पर झुंड बनाकर घूमे रहे आवारा कुत्तों ने आतंक मचा रखा है, लेकिन इनके आतंक से निजात दिलाने के लिए जिम्मेदारांे के पास कोई प्रभावी रणनीति नही है। नतीजतन आवारा कुत्ते प्रतिदिन लोगों को अपना शिकार बनाते हुए अस्पताल पहंुचाने में लगे हुए हैं। बुधवार सुबह भी आसपास के ग्रामीण इलाकों के साथ शहरी क्षेत्र में भी आवारा कुत्तों ने राहगीरों पर जमकर कहर बरपाया और इस करीब एक घंटे में 12 लोगों पर हमला कर घायल कर दिया। शाजापुर ज्योति नगर निवासी विजेश ने बताया कि वह सुबह के समय साइकिल पर सवार होकर सफाई करने के लिए जा रहा था, तभी एबी रोड एसबीआई बैंक के सामने आवारा कुत्तों ने हमला कर पैर और हाथ में काट लिया। स्थानीय लोगों ने मदद कर कुत्तों को मौके से खदेड़ा। इसीके साथ शाजापुर शहरी क्षेत्र में ही रफीक मोहम्मद, रवि पिता शिवनारायण, कैलाश पिता बद्रीलाल, लखन पिता मांगीलाल, ज्योति अशोक, अंकित राकेश आवारा कुत्तों के हमले से घायल हो गए। इसी तरह ग्राम निछमा में गोपाल पिता बापूलाल, सांपखेड़ा में सोहेल खान और जामन में नागेश कुत्ते के काटने से घायल हो गए। घायलों का जिला अस्पताल में उपचार किया गया।
लाखों रूपये से किया बधियाकरण, खदेड़ने की नही कोई योजना
शहरवासियों के लिए आवारा मवेशियों के साथ ही आवारा कुत्ते कई वर्षों से मुसीबत का सबब बने हुए हैं, लेकिन जिम्मेदार इस समस्या को हल करने की बजाय जुमलेबाजी और अपने स्वार्थहितार्थ ही कार्य करते नजर आए। यही कारण है कि नगरपालिका ने कुत्तों के बधियाकरण के नाम पर तो लाखों रूपये खर्च कर दिए, लेकिन इन आवारा कुत्तों को शहर से खदेड़ने के लिए कोई प्रभावी योजना नही बनाई, जिसके परिणाम स्वरूप सुबह जल्दी उठकर स्कूल जाने वाले विद्यार्थी और राहगीर आवारा कुत्तों का निशाना बन रहे हैं। बुधवार को स्कूली बच्चों के साथ 12 से अधिक लोग कुत्तों के काटने पर जिला अस्पताल पहुंचे। लोगों ने आवारा मवेशी और कुत्तों से शहर को मुक्ति दिलाने की मांग की है।