शाजापुर। जिला कलेक्टर ऋजु बफना ने उत्कृष्ट विद्यालय प्राचार्य प्रवीण कुमार मण्डलोई, बालक छात्रावास अधीक्षक ओम प्रकाश पाटीदार बालिका छात्रावास अधीक्षक श्रीमती ज्योति धाकड़ को प्रमाणपत्र प्रदान किया। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी डॉ विवेक दुबे विशेष रूप से उपस्थित थे। मध्य प्रदेश शासन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित उत्कृष्ट विद्यालय शाजापुर के बालक एवं बालिका छात्रावास मध्य प्रदेश शासन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित पहले ISO 9001:2015 प्रमाणित छात्रावास बने।
प्राचार्य प्रवीण कुमार मण्डलोई ने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी डॉ विवेक दुबे के मार्गदर्शन में संस्था के दोनों छात्रावास अधीक्षक श्री ओम प्रकाश पाटीदार तथा श्रीमती ज्योति धाकड़ के प्रयास से
उत्कृष्ट विद्यालय के दोनों छात्रावास को यह सर्टिफिकेशन निःशुल्क आवास, भोजन, सुरक्षा और स्वच्छता प्रदान करना, अनुशासन सुनिश्चित करने, पर्यवेक्षण, शिकायत निवारण और कल्याण कार्यक्रम छात्रों के शैक्षणिक और व्यक्तिगत विकास में सहायता करने के लिए प्रदान किया गया।
विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक हेमेंद्र यादव ने बताया कि उत्कृष्ट विद्यालय को बेहतर प्रबंधन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पाठ्यसहगामी क्रियाओं का संचालन सहित बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए विद्यालय स्टाफ द्वारा किए जा रहे प्रयासों के लिए यह प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ है।
आई एस. ओ. सर्टिफिकेशन क्या है?
बालक छात्रावास अधीक्षक ओम प्रकाश पाटीदार ने बताया कि ISO सर्टिफिकेशन एक अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण संगठन (International Organization for Standardization) द्वारा जारी किया जाने वाला प्रमाणपत्र है, जो यह दर्शाता है कि किसी संस्था, कंपनी या संगठन ने अपने उत्पाद, सेवा, या प्रबंधन प्रणाली को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार विकसित और लागू किया है। आई. एस.ओ.सर्टिफिकेशन यह सुनिश्चित करता है कि संस्था के काम करने के तरीके और प्रक्रियाएँ वैश्विक स्तर पर स्वीकृत मानकों के अनुरूप हैं ।
यह प्रमाणपत्र कैसे प्राप्त होता है?
बालक छात्रावास अधीक्षक श्रीमती ज्योति धाकड़ ने बताया कि किसी संस्था को यह प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए आई एस ओ प्रमाणन संस्था को आवेदन कर अपनी संस्था में अंतरराष्ट्रीय मानक के अनुसार सिस्टम लागू करते हुवे आंतरिक ऑडिट करना तथा उसका बाहरी मान्यता प्राप्त ऑडिटर से मूल्यांकन करवाना होता है। प्रमाणन एजेंसी द्वारा जारी SOP को अपनाने तथा सभी मानकों को पूरा करने पर प्रमाणपत्र मिलता है।
