शाजापुर। शहर में ऑटो रिक्शा चालकों के किराए पर कोई नियंत्रण न होने से यात्री खुलेआम लूट का शिकार हो रहे हैं। दरों का निर्धारण नहीं होने से कई मौकापरस्त आॅटो चालक इसका गलत फायदा उठा रहे हैं जिससे कई आॅटो चालक बदनाम भी हो रहे हैं।
शहर में आॅटो की गिनती जितनी रफतार से बढ़ी है उस हिसाब से काॅम्पीटीशन में दरें कम होने की बजाए कुछ आॅटो चालक इसका गलत फायदा उठाते हुए पूरी आॅटो रिक्शा चालकों पर दाग लगा रहे हैं।
बड़ा चौक से मात्र 1.2 किमी दूरी के लिए कई चालक 50 रुपए तक वसूलते हैं, जबकि बस स्टैंड से मीरकला या डेरा तक जाने का किराया कई बार 70 रुपए तक पहुंच जाता है।
यात्रियों का कहना है कि यह वसूली पूरी तरह अनुचित है, क्योंकि ऑटो औसतन 1 लीटर ईंधन में लगभग 24 किमी चलता है। इसके बावजूद मनमाना किराया वसूला जा रहा है।
स्थिति यह है कि न RTO की आंख खुल रही है और न यातायात विभाग ध्यान दे रहा है। फिटनेस खत्म हो चुके ऑटो बेधड़क सड़कों पर दौड़ रहे हैं और छोटी जगहों पर खड़े होकर आए दिन जाम का कारण बनते हैं।
सेवानिवृत्त TI भी बने शिकार
शहर में ऑटो चालकों की इस मनमानी का शिकार अब आम नागरिक ही नहीं, बल्कि अधिकारी वर्ग भी हो रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, शाजापुर में पूर्व में पदस्थ एक रिटायर्ड TI 08 Aug 2025 शुक्रवार को इस ठगी का शिकार बने। BKSN कॉलेज से रेलवे स्टेशन तक के लिए एक ऑटो चालक ने उनसे पूरे 80 रुपए वसूल लिए। रिटायर्ड TI साहब को सुबह की साबरमती गाड़ी से गूना जाने के लिए स्टेशन पहुंचना था, मजबूरी में उन्हें भी यह मनमाना किराया चुकाना पड़ा।
मोहर्रम में बोहरा समाज भी हुआ शिकार-
इस वर्ष बोहरा समाज के मोहर्रम पर बाहर से आकर होटलों में ठहरने वाले मेहमानों के साथ भी यही ठगी हुई थी। जिस पर गंगा होटल से एक दो मेहमानों को मज़ार ए युसुफी तक ले जाने के 350रू. वसूले गए कई आॅटो चालक हाईवे प्राईड से मात्र 60रू. में भी सवारी युसुफी दरगाह तक लाए पर मौका परस्तों ने इस सका खूब फायदा उठाया जिसके बाद समाज की संस्था के द्वारा यातायात विभाग से इसकी शिकायत की जिस पर खानापूर्ती करते हुए आॅटो चालकों के आॅटो नम्बर को नोट करने की सलाह दी गई। जबकी यातायात विभाग चाहता तो उसी समय दूरी के अनुसार रेट फिक्स करने की कवायद कर सकता था लेकिन भर नींद सो रहा विभाग यातायात के नियमों का हवाला देता नज़र आता है ना जबकी जेब पर पड़ रहे इस भार को रोकने की ज़िम्मेदारी भी यातायात विभाग की ही है।
शहरवासी प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि जल्द किराया तय किया जाए, अनफिट ऑटो पर कार्यवाही हो और यातायात व्यवस्था सुधारी जाए, ताकि लोगों को इस रोज़ाना की ठगी से राहत मिल सके।
